फिर लौट आया है बसंत
फिर लौट आया है बसंत,भौंरों को फूलों से मिलाने । फिर लौट आया है बसंत ,खेत में सरसों के पीले फूलों की चादर ओढाने । फिर लौट आया है बसंत,खेतों की मुंडेरों पर , लाल , पीले, नीले और ढेरों प्यारे फूल उगाने । हां !फिर लौट आया है बसंत ,घुघूती चिड़िया , फूलारी और … Read more
नन्ही गौरैया
क्या मुझे गौरैया से प्रेम है ?कई सालों से मेरी घर की छत पर, कोई गौरैया पानी पीने नहीं आई ।मैंने अपनी घर की मुंडेरों पर गौरैया को, गीत गाते हुए देख अपना सारा बचपन बिताया है। हां !गौरैया को याद करते ही,मेरे अंतरमन में उठती है एक वेदना सी ।मेरे हृदय के आलिंद निलय … Read more
कुछ तो पूर्ण हुआ
हां, तो लिखा है! किसी ने पूछा, ये जो लिखती हो भावों को अपने, या किसी किताब को पढ़ती हो? शब्दों को खुद बुनती हो, या ढूंढ लेती हो किसी शब्दसागर से? तो मैं कहूं… जब देखूं मै घनघोर निशा में, उस शशि की कौमुदी को, तो मेरे हृदय में, मेघ बन भाव उमड़ आते … Read more